पूंजी बजटन में अथवा विनियोग निर्णयों के सम्बन्ध में जोखिम एवं अनिश्चितता को एक दूसरे के स्थान पर प्रयोग किया जाता है जिसका आशय विनियोग प्रस्ताव से प्राप्त प्रत्याय या रोकड़ प्रवाहों की परिवर्तनशीलता से होता है किन्तु एसी कोई रेखा नहीं है जिसके एक ओर शुद्ध जोखिमें हो तथा दूसरी ओर अनिश्चितताएं हो | अनिश्चितता वह घटना है जिसका पूर्ण ज्ञान नहीं हो सकता है एसी दशा में विनियोगकर्ता प्रयिकताओं का अनुमान केवल अटकलों के आधार पर ही लगा सकता है | पूंजी बजटन निर्णयों के लिए परियोजना पर विचार करते समय जोखिम तत्व पर अवश्य विचार करना चाहिए | यद्यपि यह एक कठिन कार्य है परन्तु जोखिम का मूल्यांकन करने के लिए निम्न विधियों का प्रयोग किया जाता है -
Saturday, 27 January 2018
Thursday, 18 January 2018
प्रमाप लागत विधि एवं विचरण विश्लेषण | Standard Costing and Variance Analysis
लागतों का तुलनात्मक अध्ययन करने के दृष्टिकोण से प्रमाप लागत लेखांकन तकनीक सबसे उपयुक्त विधि है क्योंकि इस विधि में प्रमाप लागतों का वास्तविक लागतों से तुलनात्मक अध्ययन किया जाता है | लागत के तीनों तत्वों में होने वाले विचरण का इस तकनीक के द्वारा विश्लेषण किया जा सकता है जो निम्न है -
- सामग्री विचरण विश्लेषण (Material Variance Analysis)
- श्रम विचरण विश्लेषण (Labour Variance Analysis)
- उपरिव्यय विचरण विश्लेषण (Overheads Variance Analysis)
Tuesday, 16 January 2018
व्यावसायिक पूर्वानुमान | BUSINESS FORECASTING
व्यावसायिक पूर्वानुमान का अर्थ आगामी वर्षों में होने वाली घटनाओं का एक पूर्वानुमान है | यहाँ घटनाओं से आशय आर्थिक घटनाओं से है | सही एवं शुद्ध पूर्वानुमान के लिए भूतकालीन एवं वर्तमान दोनों ही दशाओं का विश्लेषण आवश्यक होता है | जब हम भविष्य के संदर्भ में व्यावसायिक क्रिया-कलापों के बारे में भूतकालीन एवं वर्तमान तथ्यों के विश्लेषण के आधार पर पूर्वानुमान लगाते है तो उसे व्यावसायिक पूर्वानुमान कहा जाता है | व्यावसायिक पूर्वानुमान ज्ञात करने की दो विधियाँ है -
- व्यक्तिनिष्ठ विधियाँ
- सांख्यिकी विधियाँ
इस अध्याय में सांख्यिकी विधियों की उप विधि प्रतिगमन विधि के द्वारा व्यवसाय के पूर्वानुमानों की गणना की जाएगी | प्रतिगमन रेखाएं दो प्रतिगमन समीकरणों पर आधारित होती है क्योंकि प्रतिगमन रेखाएं दो होती है अतः प्रतिगमन समीकरण दो ही होते है |
y = a + bx
x का y पर प्रतिगमन
Σy = na + bΣx
Thursday, 11 January 2018
बजटों के प्रकार-I : स्थिर एवं लोचशील बजट | Types of Budgets-I : Fixed and Flexible budget
बजट एक कार्य योजना है जिसमे एक निश्चित समय में प्राप्त किए जाने वाले लक्ष्यों को लिखा जाता है इसमें दी हुई अवधि की आयों का पूर्वानुमान होता है | वास्तव में बजट एक प्रमाप है जिसमे सम्पूर्ण व्यवसाय की उपलब्धियों को मापा जाता है चूँकि बजट एक व्यावसायिक इकाई के लिए बनाया जाता है इसीलिए इसे व्यावसायिक बजट कहते है | बजट एक प्रबंधकीय उपकरण है जो सम्पूर्ण उपक्रम या उसके प्रत्येक विभाग के लिए उच्च स्तरीय प्रबंध द्वारा तैयार किया जाता है | यह व्यवसाय के वास्तविक परिणामों से तुलना करने के लिए प्रमाप प्रदान करता है |
Saturday, 30 December 2017
समापन की स्थिति में कंपनियों के खाते | Accounts of Companies in Liquidation
Statement of Affairs
of the .....................as per Winding up Order as on.................
Surplus/Deficiency Statement
Particulars
|
Amount
|
Items Contributing to Deficiency
|
|
1.
Excess Capital & Liabilities
Over Assets for the year (Loss of P&L a/c)
|
xx
|
2.
Trading Losses from last Years
|
xx
|
3.
Estimated Losses
|
xx
|
4.
Other Losses not Recorded in the
Books
|
xx
|
Total (A)
|
xx
|
Items Contributing to Surplus
|
|
1.
Excess Assets Over Capital &
Liabilities for the Year (Profit of P&L a/c)
|
xx
|
2.
Trading Profit From last Years
|
xx
|
3.
Estimated Profit
|
xx
|
4.
Other Profits not Recorded in
the Books
|
xx
|
Total
(B)
|
xx
|
Deficiency/surplus
(A-B)
|
xx
|
NOTE - Preferential Creditors से आशय कंपनी अधिनियम 2013 की धारा 327(1) के अनुसार निम्नलिखित लेनदार पूर्वाधिकार लेनदार कहलाते है -
Thursday, 14 December 2017
कंपनियों का एकीकरण | AMALGAMATION OF COMPANIES
वर्तमान प्रतिस्पर्धा के युग में छोटी कम्पनियाँ, बड़ी कंपनियों के सामने टिक नहीं पाती है, क्योंकि छोटी कम्पनियाँ छोटे स्तर पर उत्पादन करती है जिससे लागतें अधिक तथा लाभ कम होते है | इनकी अपेक्षा बड़ी कम्पनियाँ बड़े स्तर पर उत्पादन करती है तथा बाजार का नियंत्रण इनके हाथों में रहता है | छोटी कम्पनियाँ बड़े पैमाने के लाभ प्राप्त करने के उद्देश्य से बड़ी कंपनियों के साथ एकीकरण करती है | दूसरे शब्दों में एकीकरण बड़े स्तर पर लाभ कमाने के लिए एक जैसा व्यापार करने वाली दो कंपनियों के आपसी संयोजन का एक तरीका है |लेखा मानक 14 के अनुसार कंपनियों के एकीकरण का व्यवहार किया जाता है |
Thursday, 7 December 2017
अंशों एवं ऋणपत्रों का अभिगोपन | UNDERWRITING OF SHARES AND DEBENTURES
एक कंपनी अंशों के निर्गमन द्वारा विभिन्न प्रकार की सम्पतियों के लिए धन एकत्रित करती है | एक सार्वजनिक कंपनी को व्यापार प्रारम्भ करने से पूर्व 90% अंशों के लिए आवेदन प्राप्त करना आवश्यक होता है | इसे न्यूनतम अभीदान कहा जाता है | ख्याति प्राप्त कंपनी की दशा में यह जोखिम और भी अधिक रहता है कि यदि न्यूनतम अभिदान के बराबर आवेदन प्राप्त नहीं हुवा तो बाजार में कंपनी की प्रतिष्ठा ख़राब होगी | नई कंपनी की दशा में यह जोखिम और भी अधिक रहती है | एसी दशा में इस बात की आवश्यकता होती है की कोई व्यक्ति अथवा व्यक्तियों का समूह इस बात की जिम्मेवारी ले की जनता द्वारा न्यूनतम अभिदान के बराबर अंशों के आवेदन न करने पर एसा व्यक्ति अथवा व्यक्तियों का समूह शेष अंशों को खरीद लेगा | इस व्यक्ति अथवा व्यक्तियों के समूह को अभिगोपक कहते है और इस अनुबंध को अभिगोपन कहते है |
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