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Wednesday, 28 February 2018
Friday, 9 February 2018
व्यापार क्रय | Acquisition of Business
यदि कोई नई स्थापित कंपनी किसी चालू व्यवसाय को खरीद लेती है तो इसे कंपनी द्वारा व्यापार क्रय कहा जाता है | जो संस्था अपने व्यवसाय का विक्रय कर रही होती है वह एकल व्यवसायी, साझेदारी संस्था या कोई अन्य हो सकती है जिसे व्यापार विक्रेता कहा जाता है | यदि कोई एकल व्यापारी या साझेदारी फर्म अपने व्यापार को कंपनी में बदल लेते हैं तो ऐसे परिवर्तन को भी कंपनी द्वारा व्यापार क्रय कहा जाता है |
Thursday, 8 February 2018
बीमा | INSURANCE
2018 के लिए बीमा के सिद्धान्त पुस्तक के महत्वपूर्ण प्रश्न -
- बीमा के सिद्धांतों का वर्णन करो | (16)
- वर्तमान समय में उद्योग एवं वाणिज्य के विकास में बीमा की भूमिका का वर्णन करो | (16)
- "बीमा में दया के समान गुण होते हैं यह जीवन पर्यंत मनुष्य की रक्षा करती है" सर मिर्ज़ा इस्माइल के इस कथन को समझाते हुए बीमा की सामाजिक उपयोगिता बताओ | (16)
- दोहरा बीमा और पुनर्बीमा में क्या अंतर है ? पुनर्बीमा की विधियों का उल्लेख करो | (16)
- नैतिक संकट से आप क्या समझते हैं ? (16)
- बीमा प्रीमियम से आप क्या समझते हैं ? प्रीमियम दर को प्रभावित करने वाले तत्वों का वर्णन करो | (16)
- मृत्यु दर तालिकाएँ क्या होती है ? (4)
- जीवन बीमा करवाने की प्रस्ताव से बीमा पत्र तक अपनाई जाने वाली प्रक्रिया का उल्लेख करो | (16)
- बंदोबस्ती बीमा पत्र से आप क्या समझते हैं (4)
- अग्नि बीमा से आप क्या समझते हैं ? अग्नि बीमा पत्र की शर्तों का उल्लेख करो | (16)
- दुर्घटना बीमा क्या है ? (4)
अंकेक्षण | Auditing
2018 के लिए अंकेक्षण से सम्बंधित महत्वपूर्ण प्रश्न -
- अंकेक्षण के दो महत्वपूर्ण उद्देश्य अशुद्धियों एवं कपाटों का पता लगाना और उनको रोकना होता है इस कथन को समझाते हुए अंकेक्षण का महत्व बताओ | (16)
- कपट एवं अशुद्धि में क्या अंतर है ? (4)
- आंतरिक निरीक्षण से आप क्या समझते हैं ? यह आंतरिक निरीक्षण से किस प्रकार भिन्न है ? (16)
- अंकेक्षण कार्यक्रम से आप क्या समझते हैं ? एक अच्छे अंकेक्षण कार्यक्रम के विभिन्न तत्वों का वर्णन करो | (16)
- निम्नलिखित संपत्तियों का आप सत्यापन कैसे करेंगे - (16)
- Investment
- Work in Progress
- Goodwill
- Plant & Machinery
- Goods on Consignment
- लेखो में पाई जाने वाली अशुद्धियों एवं कपाटों की मुख्य किस्मों को उदाहरण सहित बताइए | क्या एक अंकेक्षक ऐसी अशुद्धियों एवं कपटों को रोक सकता है ? (16)
अंतर्राष्ट्रीय व्यापार | International Trade (Important questions)
2018 के लिए अंतर्राष्ट्रीय व्यापार पुस्तक से सम्बंधित महत्वपूर्ण प्रश्न -
- अंतर्राष्ट्रीय व्यापार से आप क्या समझते हैं ? अंतरराष्ट्रीय व्यापार की समस्याओं को बताते हुए इनको दूर करने के सुझाव दीजिए | (16)
- लाल वाक्य साख से आप क्या समझते हैं ? (4)
- प्रलेखीय साख से आप क्या समझते हैं ? इसके विभिन्न प्रकारो का वर्णन करते हुए इसे खोलने की विधि का वर्णन करो | (16)
- हस्तांतरणीय साख व अहस्तांतरणीय साख किसे कहते हैं ? (4)
- प्रलेखीय साख का अंतर्राष्ट्रीय व्यापार में क्या महत्व है ? (16)
- स्वीकृति गृह तथा कटौती ग्रह किसे कहते हैं ? (4)
- निम्न पर टिप्पणी लिखो - (16)
- GATS
- TRIPS
- TRIMS
- PATANT
- स्वतंत्र व्यापार से आप क्या समझते हैं ? स्वतंत्र व्यापार के पक्ष तथा विपक्ष में तर्क दीजिए | (16)
- क्रय शक्ति समता सिद्धांत से आप क्या समझते हैं ? इस का आलोचनात्मक परीक्षण करो | (16)
- विदेशी विनिमय से आप क्या समझते हैं ? विदेशी विनिमय की विधियों का वर्णन करो | (16)
- स्वतंत्र व्यापार से आप क्या समझते हैं ? यह मुक्त व्यापार से किस प्रकार भिन्न है ? (4)
- विदेशी विनिमय नियंत्रण से आप क्या समझते हैं ? इसकी विधियों का वर्णन करो | (16)
- विश्व व्यापार संगठन से आप क्या समझते हैं ? इसके उद्देश्य तथा कार्यों का वर्णन करो | (16)
- GATT समझौता क्या है ? (4)
- विश्व व्यापार संगठन की अब तक कि सफलताओं का वर्णन करो | (16)
Saturday, 27 January 2018
जोखिम एवं अनिश्चितता विश्लेषण | Analysis of Risk and Uncertainty
पूंजी बजटन में अथवा विनियोग निर्णयों के सम्बन्ध में जोखिम एवं अनिश्चितता को एक दूसरे के स्थान पर प्रयोग किया जाता है जिसका आशय विनियोग प्रस्ताव से प्राप्त प्रत्याय या रोकड़ प्रवाहों की परिवर्तनशीलता से होता है किन्तु एसी कोई रेखा नहीं है जिसके एक ओर शुद्ध जोखिमें हो तथा दूसरी ओर अनिश्चितताएं हो | अनिश्चितता वह घटना है जिसका पूर्ण ज्ञान नहीं हो सकता है एसी दशा में विनियोगकर्ता प्रयिकताओं का अनुमान केवल अटकलों के आधार पर ही लगा सकता है | पूंजी बजटन निर्णयों के लिए परियोजना पर विचार करते समय जोखिम तत्व पर अवश्य विचार करना चाहिए | यद्यपि यह एक कठिन कार्य है परन्तु जोखिम का मूल्यांकन करने के लिए निम्न विधियों का प्रयोग किया जाता है -
Thursday, 18 January 2018
प्रमाप लागत विधि एवं विचरण विश्लेषण | Standard Costing and Variance Analysis
लागतों का तुलनात्मक अध्ययन करने के दृष्टिकोण से प्रमाप लागत लेखांकन तकनीक सबसे उपयुक्त विधि है क्योंकि इस विधि में प्रमाप लागतों का वास्तविक लागतों से तुलनात्मक अध्ययन किया जाता है | लागत के तीनों तत्वों में होने वाले विचरण का इस तकनीक के द्वारा विश्लेषण किया जा सकता है जो निम्न है -
- सामग्री विचरण विश्लेषण (Material Variance Analysis)
- श्रम विचरण विश्लेषण (Labour Variance Analysis)
- उपरिव्यय विचरण विश्लेषण (Overheads Variance Analysis)
Tuesday, 16 January 2018
व्यावसायिक पूर्वानुमान | BUSINESS FORECASTING
व्यावसायिक पूर्वानुमान का अर्थ आगामी वर्षों में होने वाली घटनाओं का एक पूर्वानुमान है | यहाँ घटनाओं से आशय आर्थिक घटनाओं से है | सही एवं शुद्ध पूर्वानुमान के लिए भूतकालीन एवं वर्तमान दोनों ही दशाओं का विश्लेषण आवश्यक होता है | जब हम भविष्य के संदर्भ में व्यावसायिक क्रिया-कलापों के बारे में भूतकालीन एवं वर्तमान तथ्यों के विश्लेषण के आधार पर पूर्वानुमान लगाते है तो उसे व्यावसायिक पूर्वानुमान कहा जाता है | व्यावसायिक पूर्वानुमान ज्ञात करने की दो विधियाँ है -
- व्यक्तिनिष्ठ विधियाँ
- सांख्यिकी विधियाँ
इस अध्याय में सांख्यिकी विधियों की उप विधि प्रतिगमन विधि के द्वारा व्यवसाय के पूर्वानुमानों की गणना की जाएगी | प्रतिगमन रेखाएं दो प्रतिगमन समीकरणों पर आधारित होती है क्योंकि प्रतिगमन रेखाएं दो होती है अतः प्रतिगमन समीकरण दो ही होते है |
y = a + bx
x का y पर प्रतिगमन
Σy = na + bΣx
Thursday, 11 January 2018
बजटों के प्रकार-I : स्थिर एवं लोचशील बजट | Types of Budgets-I : Fixed and Flexible budget
बजट एक कार्य योजना है जिसमे एक निश्चित समय में प्राप्त किए जाने वाले लक्ष्यों को लिखा जाता है इसमें दी हुई अवधि की आयों का पूर्वानुमान होता है | वास्तव में बजट एक प्रमाप है जिसमे सम्पूर्ण व्यवसाय की उपलब्धियों को मापा जाता है चूँकि बजट एक व्यावसायिक इकाई के लिए बनाया जाता है इसीलिए इसे व्यावसायिक बजट कहते है | बजट एक प्रबंधकीय उपकरण है जो सम्पूर्ण उपक्रम या उसके प्रत्येक विभाग के लिए उच्च स्तरीय प्रबंध द्वारा तैयार किया जाता है | यह व्यवसाय के वास्तविक परिणामों से तुलना करने के लिए प्रमाप प्रदान करता है |
Saturday, 30 December 2017
समापन की स्थिति में कंपनियों के खाते | Accounts of Companies in Liquidation
Statement of Affairs
of the .....................as per Winding up Order as on.................
Surplus/Deficiency Statement
Particulars
|
Amount
|
Items Contributing to Deficiency
|
|
1.
Excess Capital & Liabilities
Over Assets for the year (Loss of P&L a/c)
|
xx
|
2.
Trading Losses from last Years
|
xx
|
3.
Estimated Losses
|
xx
|
4.
Other Losses not Recorded in the
Books
|
xx
|
Total (A)
|
xx
|
Items Contributing to Surplus
|
|
1.
Excess Assets Over Capital &
Liabilities for the Year (Profit of P&L a/c)
|
xx
|
2.
Trading Profit From last Years
|
xx
|
3.
Estimated Profit
|
xx
|
4.
Other Profits not Recorded in
the Books
|
xx
|
Total
(B)
|
xx
|
Deficiency/surplus
(A-B)
|
xx
|
NOTE - Preferential Creditors से आशय कंपनी अधिनियम 2013 की धारा 327(1) के अनुसार निम्नलिखित लेनदार पूर्वाधिकार लेनदार कहलाते है -
Thursday, 14 December 2017
कंपनियों का एकीकरण | AMALGAMATION OF COMPANIES
वर्तमान प्रतिस्पर्धा के युग में छोटी कम्पनियाँ, बड़ी कंपनियों के सामने टिक नहीं पाती है, क्योंकि छोटी कम्पनियाँ छोटे स्तर पर उत्पादन करती है जिससे लागतें अधिक तथा लाभ कम होते है | इनकी अपेक्षा बड़ी कम्पनियाँ बड़े स्तर पर उत्पादन करती है तथा बाजार का नियंत्रण इनके हाथों में रहता है | छोटी कम्पनियाँ बड़े पैमाने के लाभ प्राप्त करने के उद्देश्य से बड़ी कंपनियों के साथ एकीकरण करती है | दूसरे शब्दों में एकीकरण बड़े स्तर पर लाभ कमाने के लिए एक जैसा व्यापार करने वाली दो कंपनियों के आपसी संयोजन का एक तरीका है |लेखा मानक 14 के अनुसार कंपनियों के एकीकरण का व्यवहार किया जाता है |
Thursday, 7 December 2017
अंशों एवं ऋणपत्रों का अभिगोपन | UNDERWRITING OF SHARES AND DEBENTURES
एक कंपनी अंशों के निर्गमन द्वारा विभिन्न प्रकार की सम्पतियों के लिए धन एकत्रित करती है | एक सार्वजनिक कंपनी को व्यापार प्रारम्भ करने से पूर्व 90% अंशों के लिए आवेदन प्राप्त करना आवश्यक होता है | इसे न्यूनतम अभीदान कहा जाता है | ख्याति प्राप्त कंपनी की दशा में यह जोखिम और भी अधिक रहता है कि यदि न्यूनतम अभिदान के बराबर आवेदन प्राप्त नहीं हुवा तो बाजार में कंपनी की प्रतिष्ठा ख़राब होगी | नई कंपनी की दशा में यह जोखिम और भी अधिक रहती है | एसी दशा में इस बात की आवश्यकता होती है की कोई व्यक्ति अथवा व्यक्तियों का समूह इस बात की जिम्मेवारी ले की जनता द्वारा न्यूनतम अभिदान के बराबर अंशों के आवेदन न करने पर एसा व्यक्ति अथवा व्यक्तियों का समूह शेष अंशों को खरीद लेगा | इस व्यक्ति अथवा व्यक्तियों के समूह को अभिगोपक कहते है और इस अनुबंध को अभिगोपन कहते है |
Saturday, 2 December 2017
कंपनियों के अन्तिम खाते एवं प्रबंधकीय पारिश्रमिक | Final Accounts of Companies and Managerial Remuneration
Statement of Profit and Loss for the year ended
Particular
|
Amount
|
|
I.
Revenue from Operation
|
xx
|
|
II.
Other Incomes
|
xx
|
|
III.
Total Revenue (I+II)
|
xxxx
|
|
lV.
Expenses
|
||
Purchase
|
xx
|
|
Changes in Inventories
|
xx
|
|
Opening Stock
|
xx
|
|
Closing Stock
|
(xx)
|
xx /
(xx)
|
Employees benefit Expenses
|
xx
|
|
Finance Cost
|
xx
|
|
Depreciation and Amortization Expenses
|
xx
|
|
Other Expenses
|
xx
|
|
Total Expenses
|
xxx
|
|
V.
Profit before Exceptional and Extraordinary Items and Tax
(lll–lV)
|
xx
|
|
Vl.
Exceptional Items
|
xx
|
|
Vll.
Profit before Extraordinary Items and Tax (V–Vl)
|
xx
|
|
Vlll.
Extraordinary Items
|
xx
|
|
lX.
Profit before Tax (Vll–Vlll)
|
xx
|
|
X.
Tax Expenses
|
||
Provision for Tax
|
xx
|
|
Xl.
Net Profit after Tax (lX–X)
|
xx
|
Balance Sheet as at ....................
Particular
|
Amount
|
I
EQUITY AND LIABILITIES
|
|
(1) Shareholder’s
Funds
|
|
(a) Share Capital
|
xx
|
(b) Reserve and Surplus
|
xx
|
(2) Non-Current
Liabilities
|
|
(a) Long-Term Borrowing
|
xx
|
(b) Other Long-Term Liabilities
|
xx
|
(c) Long-Term Provisions
|
xx
|
(3) Current
Liabilities
|
|
(a) Short-Term Provisions
|
xx
|
(b) Trade Payables
|
xx
|
(c) Other Current Liabilities
|
xx
|
(d) Short-Term Provisions
|
xx
|
TOTAL
|
xx
|
II
ASSETS
|
|
(1) Non-current
Assets
|
|
(a) Fixed Assets
|
|
(i)
Tangible Assets
|
xx
|
(ii) Intangible Assets
|
xx
|
(b) Non-Current Investment
|
xx
|
(c) Long-Term Loans and Advances
|
xx
|
(d) Other Non-Current Assets
|
xx
|
(2) Current
Assets
|
xx
|
(a) Current Investment
|
xx
|
(b) Inventories
|
xx
|
(c) Trade Receivables
|
xx
|
(d) Cash and Cash Equivalents
|
xx
|
(e) Short-Term Loans and Advances
|
xx
|
(f) Other Current Assets
|
xx
|
TOTAL
|
xx
|
प्रबंधिकीय पारिश्रमिक
प्रबंधकीय व्यक्तियों में संचालक, प्रबंध संचालक, प्रबंधक आदि शामिल होते है | इन प्रबंधकीय व्यक्तियों को दिया जाने वाला पारिश्रमिक प्रबंधकीय पारिश्रमिक कहलाता है | संचालक पूर्णकालिक व अंशकालिक हो सकते है | प्रबंधकीय पारिश्रमिक की गणना कंपनी अधिनियम 2013 की धारा 197 व 198 में दिए गए प्रावधानों के अनुसार की जाती है | लाभ कमाने वाली कंपनियों द्वारा देय पारिश्रमिक पर कंपनी अधिनियम में कुछ प्रतिबन्ध लगे गए है अर्थात अधिकतम पारिश्रमिक की सीमा निर्धारित की गई है | इस सम्बन्ध में निम्न प्रावधान है -
(1) सभी संचालकों (प्रबंध संचालक, पूर्णकालिक संचालक व प्रबंधक सहीत) को किसी भी वितीय वर्ष के शुद्ध लाभों के 11% तक की राशि का अधिकतम पारिश्रमिक दिया जा सकता है |
(2) यदि कंपनी में केवल एक ही प्रबंध संचालक या प्रबन्धक है, तो उसे अधिकतम शुद्ध लाभों का 5% पारिश्रमिक दिया जा सकता है |
(3) यदि कंपनी में एक से अधिक प्रबंध संचालक तथा पूर्णकालिक संचालक है, तो उन सभी को अधिकतम शुद्ध लाभों का 10% पारिश्रमिक दिया जा सकता है |
(4) अंशकालिक संचालकों (प्रबंध संचालक को छोड़कर) का पारिश्रमिक -
- यदि कंपनी में कोई प्रबंध संचालक या पूर्णकालिक संचालक न हो तो उन्हें अधिकतम शुद्ध लाभों का 3% तक पारिश्रमिक का भुगतान किया जा सकता है \
- यदि प्रबंध संचालक या पूर्णकालिक भी हो, तो उन्हें अधिकतम शुद्ध लाभों का 1% तक पारिश्रमिक का भुगतान किया जा सकता है |
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